लखनऊ। प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव का असर अब सीधे बिजली व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। रविवार को बिजली की मांग ने अब तक के सभी पुराने रिकार्ड तोड़ दिए। रविवार रात पीक आवर के दौरान प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 31804 मेगावाट दर्ज की गई, जो प्रदेश के ऊर्जा इतिहास में अब तक की सर्वाधिक मांग रही है।
तेज धूप, उमस भरी गर्मी और रात के समय भी तापमान में कमी न आने के कारण लोगों द्वारा कूलर, एसी और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग काफी बढ़ गया है। इसके चलते बीते 24 घंटों के भीतर ही बिजली की मांग में करीब 1400 मेगावाट की अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई। अचानक आई इस उछाल ने बिजली प्रबंधन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
हालांकि बढ़ती मांग के बावजूद प्रदेश में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ऊर्जा विभाग और विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारी लगातार सक्रिय रहे। बिजली संकट की स्थिति से बचने के लिए निजी और केंद्रीय सेक्टरों से अतिरिक्त बिजली आयात कर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके बाद शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी तय रोस्टर से अधिक बिजली उपलब्ध कराने की कोशिश की गई। विभागीय स्तर पर लगातार मानिटरिंग कर विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की जा रही है।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने भी बयान जारी कर कहा कि प्रदेश में अचानक बढ़ी बिजली मांग के बावजूद हर संभव प्रयास कर लोगों को राहत पहुंचाई गई। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी 22 घंटे से अधिक आपूर्ति सुनिश्चित की गई।










