नई दिल्ली। यूपी के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता राशि बढ़ा दी है और अब इसमें किसी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये के बजाय आठ लाख रुपये की सहायता मिलेगी। वहीं, फसल नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे में भी 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
राज्य सरकार के एक बयान के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। एक अप्रैल से चार नवंबर तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई भी संशोधित मानकों के अनुसार की जाएगी। बयान में का गया है कि नई दरों के तहत सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान का मुआवजा 17 हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और वर्षा आधारित क्षेत्रों में 8,500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इसके अनुसार, बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी के नुकसान पर सहायता 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की गई है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने पशुधन के नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया है।
पशुओं की मौत के मुआवजे की रकम भी बढ़ी
बड़े पशुओं की मृत्यु पर अब 50 हजार रुपये, बकरी, भेड़ और सूअर की मृत्यु पर 5,500 रुपये तथा घोड़े और खच्चर की मृत्यु पर 25,400 रुपये की सहायता मिलेगी। इसके अनुसार, मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी मिलने वाला मुआवजा भी बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया गया है। सरकार ने क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये दिए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 93 हजार रुपये की सहायता तय की गई है।
राहत शिविरों में 30 दिन तक भोजन और आवास की सुविधा
आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार ने राहत शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं के मानक भी तय किए हैं। सामान्य परिस्थितियों में प्रभावित परिवारों को 30 दिनों तक भोजन, कपड़े, अस्थायी आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए सहायता दी जा सकेगी। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 60 दिन या आवश्यकता के अनुसार बढ़ाई जा सकती है।
पेयजल की आपात व्यवस्था के लिए सामान्य स्थिति में 30 दिन और सूखे की स्थिति में 90 दिनों तक सहायता का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग, विस्फोट या दुर्घटना से होने वाले नुकसान को इस सहायता के दायरे से बाहर रखा गया है। योगी सरकार ने आपदा प्रभावित परिवारों और किसानों तक सहायता पहुंचाने में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया है। व्यक्तिगत लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि अनिवार्य रूप से सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।












