नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अब पानी का कनेक्शन लेना आसान हो गया है. दिल्ली जल बोर्ड के 2026 के नए जल-सीवर नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. इसका सबसे बड़ा फायदा दिल्ली में रहने वाले किराएदारों को मिलेगा, जिन्हें अपना पानी का अलग कनेक्शन मिल सकेगा और सामूहिक पानी की किल्लत से छुटकारा मिल सकेगा.
दिल्ली जल बोर्ड ने पानी और सीवर कनेक्शन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ और मीटरिंग) विनियम, 2026 को मंजूरी दी गई है. ये नए नियम 2012 के मौजूदा नियमों की जगह लेंगे. नए प्रावधानों का उद्देश्य पानी के नए कनेक्शन और अनधिकृत कनेक्शनों के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आसान और तेज करना है.
बिल्डिंग की ऊंचाई की पाबंदी खत्म
नए नियमों के तहत तकनीकी रूप से संभव होने और निर्धारित शर्तें पूरी करने पर बिल्डिंग की ऊंचाई की परवाह किए बिना हर ड्वेलिंग यूनिट या गैर-घरेलू यूनिट को अलग पानी का कनेक्शन दिया जा सकेगा. हालांकि, 17.5 मीटर से नीचे पर्याप्त पानी भंडारण की व्यवस्था करना जरूरी होगा.
2012 के नियमों में किसी आवासीय इमारत में अधिकतम 6 पानी के कनेक्शन की अनुमति थी. अब निर्धारित शर्तें पूरी होने पर इस सीमा से अधिक फ्लैटों को भी व्यक्तिगत कनेक्शन मिल सकेगा. इसके लिए प्रत्येक ड्वेलिंग यूनिट में किचन होना भी जरूरी शर्तों में शामिल है. इससे अलग-अलग फ्लैटों में रह रहे किराएदारों को फायदा हो सकता है.
40-50 दिन की प्रक्रिया में तेजी
DJB के मुताबिक अभी नया पानी कनेक्शन लेने में करीब 40 से 50 दिन तक लग सकते हैं. मौजूदा व्यवस्था में आवेदन के बाद 7 से 15 दिन के भीतर जूनियर इंजीनियर साइट का निरीक्षण करता है. इसके बाद 3 से 5 दिन में डिमांड नोट जारी होता है और भुगतान के बाद कनेक्शन सक्रिय होने में 15 से 30 दिन तक लग सकते हैं.
नए सिस्टम में पहले मंजूरी देने और बाद में साइट निरीक्षण की व्यवस्था विकसित की जा रही है. इससे कनेक्शन जारी करने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है.
दस्तावेजों की संख्या भी घटेगी
नए मीटरिंग नियमों में आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेजों को कम करने का प्रावधान किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक आवेदन के लिए तीन दस्तावेज पर्याप्त होंगे. पहचान के प्रमुख दस्तावेजों के तौर पर आधार या PAN को स्वीकार करने का प्रस्ताव है.
अधिकारियों के मुताबिक नए नियमों में मौजूदा पानी के टैरिफ, कनेक्शन शुल्क या आवेदन शुल्क में कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं है.
मीटर खराब या बंद होने पर बिलिंग के स्पष्ट नियम
नए नियमों में खराब, बंद या पहुंच से बाहर मीटर की स्थिति में बिलिंग के प्रावधानों को भी स्पष्ट किया गया है. इसके अलावा टैंकर से पानी की आपूर्ति और ट्रीटेड या रीक्लेम्ड पानी के इस्तेमाल से जुड़े नियमों को भी व्यवस्थित किया गया है.
रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर रिबेट
नए फ्रेमवर्क के तहत रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वेस्टवॉटर रीसाइक्लिंग अपनाने वाले घरों को रिबेट दिए जाने का प्रावधान भी है. साथ ही DJB पोर्टल और ऐप के जरिए डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन शिकायत/सेवा अनुरोध की सुविधा को बढ़ावा दिया जाएगा.












