लखनऊ। घर संभालने वाली ग्रामीण महिलाएं अब अपनी कमाई का जरिया भी मजबूत कर सकती हैं. लखपति दीदी पहल का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है. हालांकि, एक लाख रुपये सीधे मुफ्त मिलने की बात सही नहीं है. योजना के तहत अलग-अलग वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण और बैंक से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.
क्या है लखपति दीदी योजना?
लखपति दीदी पहल केंद्र सरकार के दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) से जुड़ी है. इसका फोकस स्वयं सहायता समूह यानी SHG की महिलाओं की आजीविका को मजबूत करना है. महिलाओं को खेती, पशुपालन, छोटे कारोबार और गैर-कृषि गतिविधियों के साथ कौशल, वित्त और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाता है.
एक लाख रुपये की मदद को लेकर क्या है सच्चाई?
लखपति दीदी योजना में हर महिला को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन तीन किस्तों में देने की आधिकारिक व्यवस्था नहीं बताई गई है. सरकारी पोर्टल के अनुसार पात्र SHG को 20,000 से 30,000 रुपये तक रिवॉल्विंग फंड मिल सकता है. SHG के लिए बिना गारंटी बैंक लोन की सीमा 20 लाख रुपये तक है. महिलाओं के उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये तक के लोन पर क्रेडिट गारंटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं.
कौन बन सकती हैं लखपति दीदी?
इस पहल का लाभ मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूह की सदस्यों को आजीविका बढ़ाने और आय को मजबूत करने के लिए दिया जाता है. आधिकारिक मानदंडों के अनुसार संभावित लखपति दीदी की पहचान में कम से कम दो साल से SHG सदस्य होना और कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड का लाभ लेना जैसे मानदंड शामिल हैं. साथ ही मिशन के जरिए आजीविका संबंधी सहायता लेना और कम से कम दो आजीविका गतिविधियों से जुड़ना भी महत्वपूर्ण है. राज्यों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अतिरिक्त मानदंड तय करने की छूट है.
आवेदन और जुड़ने का तरीका
इस पहल में लाभ लेने के लिए महिला का स्वयं सहायता समूह से जुड़ना अहम है. इच्छुक महिलाएं अपने स्थानीय SHG, ग्राम संगठन, ब्लॉक स्तर के आजीविका मिशन कार्यालय या संबंधित कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन से संपर्क कर सकती हैं. इसके बाद उनकी आजीविका गतिविधि और जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा बाजार से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है. योजना का उद्देश्य केवल ऋण देना नहीं, बल्कि महिलाओं को ऐसा कारोबार खड़ा करने में मदद करना है जिससे उनकी सालाना घरेलू आय एक लाख रुपये से अधिक हो सके.












