लखनऊ। यूपी रोडवेज की बसों में दिव्यांग यात्रियों के टिकट की व्यवस्था अब और पारदर्शी होने जा रही है. परिवहन निगम ने बसों में टिकट काटने वाली मशीनों को अपडेट किया है. अब दिव्यांग यात्री के UDID कार्ड को मशीन से स्कैन किया जाएगा. इससे कार्ड की वैधता की जांच हो सकेगी. कार्ड सही पाए जाने के बाद ही टिकट जारी होगा. नई व्यवस्था से फर्जी कार्ड के जरिए यात्रा करने वालों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. साथ ही परिवहन निगम को होने वाले राजस्व नुकसान को भी कम किया जा सकेगा.
पहले सिर्फ कार्ड नंबर दर्ज कर चल जाता था काम
रोडवेज बसों में दिव्यांग यात्रियों को यात्रा की सुविधा देने के लिए पहले उनके कार्ड का नंबर वेयबिल पर दर्ज किया जाता था. इस प्रक्रिया में कार्ड असली है या फर्जी, इसकी तत्काल जांच नहीं हो पाती थी. ऐसे में फर्जी दिव्यांग कार्ड के जरिए यात्रा करने की शिकायतें सामने आती थीं. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठते थे.
अब मशीन से स्कैन होगा UDID कार्ड
परिवहन निगम ने टिकट मशीनों को अपडेट किया है. अब दिव्यांग यात्री का UDID कार्ड मशीन से स्कैन किया जा सकेगा. स्कैन के बाद कार्ड की जानकारी और उसकी वैधता की जांच होगी. कार्ड सही पाए जाने पर ही टिकट जारी किया जाएगा. इससे कंडक्टर को भी मौके पर कार्ड की पुष्टि करने में आसानी होगी.
फर्जी कार्ड से यात्रा पर लगेगी रोक
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा फर्जी UDID कार्ड के इस्तेमाल पर रोक लगाने में होगा. पहले केवल कार्ड नंबर दर्ज होने के कारण उसकी वास्तविकता की तुरंत पुष्टि नहीं हो पाती थी. अब कार्ड स्कैन होने से फर्जी या अमान्य कार्ड के जरिए यात्रा करना मुश्किल होगा. इससे रोडवेज की टिकट व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है.
दिव्यांग यात्री और सहकर्मी की यात्रा भी होगी दर्ज
UDID कार्ड की जांच के बाद पात्र दिव्यांग यात्री का टिकट जारी किया जाएगा. उसके साथ यात्रा करने वाले सहकर्मी की टिकट प्रक्रिया भी इसी व्यवस्था के तहत आगे बढ़ेगी. यानी अब यात्रा से पहले कार्ड की जांच डिजिटल तरीके से होगी. इससे टिकट जारी करने की प्रक्रिया भी ज्यादा व्यवस्थित होगी.
परिवहन निगम के राजस्व को भी फायदा
फर्जी कार्ड के जरिए यात्रा होने से परिवहन निगम को राजस्व का नुकसान होता था. नई व्यवस्था से ऐसे मामलों पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है. कार्ड की स्कैनिंग के बाद ही टिकट जारी होने से फर्जी तरीके से यात्रा करने वालों की पहचान आसान होगी. इससे विभाग के राजस्व को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा.
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
नई व्यवस्था के बाद दिव्यांग यात्रियों को यात्रा के दौरान अपना वैध UDID कार्ड साथ रखना होगा. टिकट बनवाते समय कार्ड को मशीन से स्कैन किया जाएगा. कार्ड सही पाए जाने के बाद ही टिकट जारी होगा. इससे एक तरफ पात्र यात्रियों को सुविधा मिलेगी, वहीं फर्जी कार्ड के इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. परिवहन निगम की यह पहल रोडवेज की टिकट व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.












