वॉशिंगटन: भारत ने साल 2019 में ‘मिशन शक्ति’ नाम से एंटी-सैटेलाइट (ASAT) मिसाइल टेस्ट करके दुनिया और खासतौर से अमेरिका को चौंका दिया था। इस टेस्ट के बारे में अमेरिका के पूर्व इंटेलिजेंस अधिकारी डेविड ग्रुश ने बात की है। करीब सात साल बाद डेविड ने यह कबूला है कि भारत के ASAT टेस्ट ने अमेरिका को हैरान कर दिया था और इससे वॉशिंगटन में काफी हलचल हुई थी। उन्होंने इससे अमेरिकी खुफिया एजेंसियों में गुस्से का भी जिक्र किया था।
पॉडकास्टर जो रोगन के साथ एक बातचीत में पूर्व अमेरिकी इंटेलिजेंस अधिकारी डेविड ग्रुश ने उस पल को याद किया, जब भारत ने 27 मार्च 2019 को अचानक एंटी-सैटेलाइट मिसाइल टेस्ट किया। उस समय ग्रुश नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस (NRO) के ऑपरेशन्स सेंटर में ड्यूटी पर थे। उन्होंने कहा, ‘2019 में भारत ने अप्रत्याशित मिसाइल टेस्ट किया, जिसने उनके ही सैटेलाइट को निशाना बनाया था। उन्होंने हमें इसके बारे में नहीं बताया था।’
ASAT टेस्ट पर क्या बोले डेविड
भारत ने ओडिशा तट के पास NOTAM (हवाई जहाज उड़ाने वालों के लिए नोटिस) जारी किया था, जिसका मतलब था कि अमेरिका को पता था कि मिसाइल का टेस्ट होने वाला है। उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह ASAT मिसाइल होगी। भारत ने टेस्ट किया और इसका निशाना बेकार हो चुका सैटेलाइट ‘माइक्रोसैट-R’ बना। इससे भारत, अमेरिका, रूस और चीन के बाद सैटेलाइट नष्ट करने की रणनीतिक क्षमता वाला चौथा देश बन गया।
डेविड ग्रुश ने उस टेस्ट से अमेरिकी इंटेलिजेंस कम्युनिटी के हैरान रह जाने के बाद NRO में अफरातफरी का जिक्र किया। ग्रुश उस वक्त सिर्फ NRO के इंटेलिजेंस बैकअप डायरेक्टर थे, बल्कि डायरेक्टर के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की रोजाना की ब्रीफिंग भी संभाल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है कि मैं एम्बेसी वगैरह को फोन कर रहा था और सोच रहा था कि यह क्या हो रहा है।
क्या थी सबसे बड़ी चिंता
NRO अमेरिका के जासूसी सैटेलाइट बनाता और चलाता है। अमेरिका के लिए तुरंत चिंता की बात सैटेलाइट के नष्ट होने से बना मलबा था। ग्रुश ने कहा कि NRO में हमें मलबे की चिंता थी क्योंकि हम जासूसी सैटेलाइट उड़ाते हैं। मैं तुरंत ऑर्बिटल एनालिस्ट के पास गया और उनसे मलबे के दायरे का हिसाब लगाने और यह पता लगाने को कहा कि क्या किसी अमेरिकी सैटेलाइट को अपनी जगह से हटाना होगा।
ग्रुश का बयान असल में यह साबित करता है कि हालांकि अमेरिका को पता था कि भारत मिसाइल का टेस्ट करेगा लेकिन उसे यह नहीं पता था कि यह ASAT हथियार होगा। यानी अमेरिका उस वक्त बुरी तरह चौंक गया था। डेविड का बयान अमेरिका के रक्षा विभाग के तत्कालीन प्रवक्ता के उस बयान के उलट है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका को भारत के ASAT टेस्ट के बारे में पहले से पता था।












