लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए हलचल तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य की 8 सीटों पर राज्यसभा के चुनाव के लिए एक 25 नामों की लिस्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी गई है। इसमें कई ऐसे लोगों के नाम हैं जो कि राज्यसभा के सदस्य हैं या फिर रह चुके हैं। वहीं पैनल में कई नए लोगों को भी शामिल किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और कवि कुमार विश्वास का भी नाम इसमें है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इसकी पुष्टि नहीं करता है। वहीं बीजेपी की महासचिव स्मृति ईरानी, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरीश द्विवेदी का नाम भी भेजा गया है। इनमें से 8 नामों पर ही मुहर लगाई जाएगी। हालांकि आधिकारिक रूप से कोई बयान सामने नहीं आया है। अभी अटकलों का ही दौर जारी है।
आपको बता दें कि 16 अक्टूबर को राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। 25 नवंबर को उत्तर प्रदेश के 10 राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इनमे से आठ पर बीजेपी का ही कब्जा है। जबकि एक सीट पर सपा और दूसरी पर बीएसपी काबिज है। हरदीप सिंह पुरी इस समय केंद्र में पेट्रेलियम मंत्री हैं। ऐसे में उनको दोबारा राज्यसभा में लाया जा सकता है। इसके अलावा 2027 में पंजाब चुनाव का ध्यान रखते हुए भी हरदीप सिंह पुरी को हटाना मुश्किल है।
हारे हुए प्रत्याशियों के भी नाम
20 जून को रवनीत सिंह बिट्टू के इस्तीफे के बाद अब कैबिनेट में हरदीप सिंह पुरी अकेले सिख हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जो लिस्ट बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई है उसमें कई ऐसे भी नेता हैं जो कि चुनाव हार चुके है। इसी में बस्ती से पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी का भी नाम है। उन्हें बीजेपी का महासचिव बनाया गया है और बिहार-कर्नाटक का कार्यभार सौंपा गया है। वह एक ब्राह्मण चेहरे हैं।ऐसे में सवर्ण वोटों के लिए बीजेपी उन्हें पीछे नहीं छोड़ सकती।
लिस्ट में कौन-कौन से नाम
‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक इस लिस्ट में राजवीर सिंह राजू भैया. संजीव बालयान. सत्यपाल सिंह, बीएल वर्मा. पूर्व सांसद बृजलाल, सुब्रत पाठक, दुर्विजय शाक्य, सुरेश राणा, रेखा वर्मा. कौशल किशोर, कामेश्वर सिंह, रामशंकर कठेरिया, रमापति राम त्रिपाठी का भी नाम है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में फिलहाल 397 विधायक हैं। फर्स्ट प्रिफरेंस फार्मुला केतहत एक सीट के लिए कम से कम 37 वोट की जरूरत होगी। सभी 10 सीटें जीतने के लिए 370 विधायकों का वोट चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी के कुल 256 विधायक हैं। वहीं अन्य साथियों को मिलाकर कुल वोट 289 हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी के 101 और कांग्रेस के दो विधायक हैं। ऐसे में दो सीट के लिए विपक्ष के पास 103 विधायक हैं जो कि दो सीटों के लिए पर्याप्त हैं। वहीं एक भी विधायक ना होने के बाद भी बीएसपी इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि उसका समर्थन ही फाइनल सीट पर प्रभाव डाल सकता है।












