नई दिल्ली। भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे जब संयुक्त राष्ट्र महासभा में बोलने के लिए खड़े हुए, तो उनका भाषण सिर्फ वहां बैठे प्रतिनिधियों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल जैसा था. आमतौर पर पड़ोसी देशों में ज्यादा बनती नहीं है लेकिन भूटान के पीएम ने खुलकर अपने पड़ोसी भारत की तारीफ की. भूटान ने भारत के साथ अपने मजबूत रिश्तों का जिक्र किया. उन्होंने भारत को भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त और करीबी पड़ोसी बताया.
टोबगे ने भूटान की महत्वाकांक्षी परियोजना गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी (GMC) में भारत के सहयोग की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि यह शहर भारतीय सीमा के पास बनाया जा रहा है और इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार का समर्थन मिल रहा है. साथ ही भारत के पड़ोसी राज्य असम की ओर से भी इस परियोजना में सहयोग दिया जा रहा है. उन्होंने खुलकर कहा कि भारत, भूटान का सबसे भरोसेमंद दोस्त है –
भारत-भूटान की दोस्ती है अटूट
भूटानी प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के साथ तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है. उन्होंने कहा कि भारत के साथ अपनी भौगोलिक नजदीकी का फायदा गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी को मिल सकता है. यह परियोजना भूटान के लिए दक्षिण एशिया और पूर्वी एशिया से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बन सकती है. ऐसे में भारत का साथ मिलना भूटान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. दोनों देशों के बीच विश्वास का रिश्ता है और ये वो चीज है, जो खरीदी नहीं जा सकती है.
क्या है गेलेफू माइंफुलनेस सिटी प्रोजेक्ट?
जिस GMC प्रोजेक्ट की भूटान ने बात की है, उसका पूरा नाम गेलेफू माइंफुलनेस सिटी प्रोजेक्ट है. प्रधानमंत्री टोबगे ने बताया है कि 2500 वर्ग किलोमीटर का यह स्वायत्त विशेष प्रशासनिक क्षेत्र असम के साथ भूटान की दक्षिणी सीमा पर मौजूद है. इस इलाके को भारत-भूटान मिलकर टिकाऊ वेलनेस और ग्रीन-टेक हब बनाने के लिए काम कर रहे हैं. सीमा-पार रेलवे लिंक और बिजली कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और भारतीय हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को अनुमति देकर भारत ने फूटान की मदद की है. भारत ने इस प्रोजेक्ट के लिए भूटान को 4 हजार करोड़ का क्रेडिट लाइन दिया है, जो इन दोनों देशों की दोस्ती को और मजबूत बनाने वाला है.












