नई दिल्ली। भारत सरकार ने गेंहू के निर्यात पर लगी रोक अब हटा दी है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है. सरकार ने कई साल पहले गेहूं के निर्यात पर बैन लगाया था. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड की ओर से जारी नोटिफिकेशन में इस फैसले की जानकारी दी गई है. सरकार ने अब ड्यूरम किस्म के गेहूं, आटे और दूसरे उत्पादों के निर्यात की मंजूरी दे दी है. इससे पहले इसी साल फरवरी में सरकार ने गेहूं की सीमित खेप भेजने की इजाजत दी थी.
दुनियाभर में बढ़ेगी गेहूं की सप्लाई
सोमवार को जारी हुए इस नोटिफिकेशन के बाद अब दुनियाभर में गेहूं की सप्लाई बढ़ सकती है. इतना ही नहीं बल्कि उन देशों को भी राहत मिल सकती है जो गेहूं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं. बात करें भारत की तो ये गेहूं उत्पादन के मामले में दूसरे नंबर पर आता है. देश की पिछली गेहूं की फसल 120.6 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
कब लगाई गई थी रोक?
भारत में गेहूं का उत्पादन हमेशा से ही मजबूत रहा है. बावजूद इसके सरकार ने साल 2022 से बड़े पैमाने पर गेहूं के निर्यात पर रोक लगा रखी थी. साल 2022 में रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था. इसके बाद भारत सरकार ने देश में पर्याप्त गेहूं उपलब्ध रखने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर रोक लगाने का फैसला किया था.
अब सरकार ने एक बार फिर से निर्यात की अनुमति दे दी है, ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं की मांग और बढ़ जाएगी. इससे भारत के किसानों और निर्यातकों को भी फायदा मिलेगा.
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच आया फैसला
बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच इस समय युद्ध चल रहा है. जिसके कारण काला सागर से गेहूं और दूसरे अनाज की सप्लाई प्रभावित हो रही है. काला सागर दुनिया के प्रमुख गेहूं निर्यात क्षेत्रों में से एक है. इसका असर अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर भी पड़ रहा है. ऐसे समय में भारत से गेहूं का निर्यात बढ़ने पर एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया के उन देशों को मदद मिल सकती है, जो गेहूं के आयात पर निर्भर हैं. युद्ध के बीच भारत का ये बड़ा फैसला कई देशों को राहत देने वाला है.












