कानपुर। कानपुर में ट्रूप कंफर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल) की इकाई आयुध उपष्कर निर्माणी (ओईएफ) कानपुर जल्द उत्पादों के परीक्षण में आत्मनिर्भर बन जाएगी। निर्माणी में 10 करोड़ से नई लैब बनाई जाएगी। तीन माह के भीतर निर्माण शुरू होने के बाद करीब एक वर्ष में यह लैब तैयार हो जाएगी। इसके बाद चमड़ा, कपड़ा और मेटल उत्पादों का परीक्षण शहर में ही संभव होगा। इसके साथ निजी कंपनियां भी अपने उत्पादों का परीक्षण करा सकेंगी।
वर्तमान में ओईएफ की पुरानी लैब में लगभग 80 प्रतिशत उत्पादों की जांच हो जाती है जबकि शेष 20 प्रतिशत सैंपल परीक्षण के लिए मेरठ और मुंबई की लैब में भेजने पड़ते हैं। इससे समय और लागत दोनों बढ़ते हैं। नई लैब शुरू होने के बाद बाहरी प्रयोगशालाओं पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी और गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया अधिक तेज और प्रभावी बनेगी।
64 एनएबीएल मानकों के अनुरूप परीक्षण किए जाएंगे
यह अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ तकनीशियनों से लैस होगी। नई लैब में 64 एनएबीएल मानकों के अनुरूप परीक्षण किए जाएंगे। इसमें वस्त्रों की तन्यता, आंसू सीम शक्ति, बर्स्ट शक्ति, घर्षण एवं फिसलन प्रतिरोध, वायु पारगम्यता तथा फाइबर शक्ति जैसे भौतिक परीक्षण किए जाएंगे। इसके अलावा पीएच मान, धुलाई, पसीना और रगड़ के दौरान रंग स्थिरता, ज्वलनशीलता, जल विकर्षण और मेल्ट फ्लो जैसे रासायनिक परीक्षण भी किए जा सकेंगे।
सेना के यूजर ट्रायल में पहुंचे तीन नए जूते
ओईएफ ने सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तीन नए प्रकार के जूते विकसित किए हैं। इनमें सेना की वर्दी के रंग से मेल खाने वाला ग्रीन लेदर हाई एंकल जूता, उन्नत संस्करण वाला ब्लैक हाई एंकल लेदर बूट तथा पथरीले, कीचड़युक्त और दुर्गम इलाकों के लिए तैयार स्यूड लेदर बूट शामिल हैं। इन तीनों उत्पादों को सेना ने पसंद किया है और मंजूरी के बाद उनका यूजर ट्रायल शुरू कर दिया गया है।












