लखनऊ। यूपी के सरकारी अस्पतालों में अनुबंध पर रखे जाने वाले डॉक्टरों के लिए अच्छी खबर है। नियुक्ति पाने वाले चिकित्सकों को मिलने वाले सैलरी में हर साल पांच फीसदी की वृद्धि की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की तर्ज पर विभाग में अनुबंध पर रखे जाने वाले डॉक्टरों के लिए भी यह वार्षिक बढ़ोतरी किए जाने का फैसला किया है। जिन डॉक्टरों को वॉक इन इंटरव्यू के जरिए अनुबंध पर रखा जाएगा, उनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ाई करने वालों को वरीयता दी जाएगी।
यूपी के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी पूरी करने के लिए सरकार कई नई पहल कर रही है। मानदेय में हर साल की जाने वाले बढ़ोत्तरी भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है। इसके अलावा केंद्रीयकृत पोर्टल के जरिए भी लगातार भर्ती प्रक्रिया चलाई जानी है। इस संबंध में चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने महानिदेशक को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जो चिकित्सक अनुबंध पर रखे जाने हैं, उनमें राजकीय मेडिकल कॉलेजों से उत्तीर्ण चिकित्सकों को चयन प्रक्रिया में वरीयता देने को कहा गया है।
आकांक्षी जिलों में मिलेगा अधिक मानदेय
पिछड़े जिलों, ब्लॉकों के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र पर सरकार का खास फोकस है। वहां स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए चिकित्सकों को अधिक मानदेय दिया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की बात करें तो आकांक्षी जिले और आकांक्षी ब्लाकों के साथ ही बुंदेलखंड क्षेत्र में तैनाती पर उन्हें तीन लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा जबकि गैर आकांक्षी जिलों में तैनात होने वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों को ढाई लाख रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। इन विशेषज्ञों के मानदेय में एनएचएम की तर्ज पर हर साल पांच प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी होगी। खास बात यह है कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुबंध पर भर्ती भी वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से केंद्रीयकृत पोर्टल के जरिए की जाएगी।
ग्राम रोजगार सेवकों को मिले 24 हजार मानदेय
वहीं दूसरी ओर प्रयागराज में ग्राम रोजगा सेवकों ने मानदये बढ़ाने जाने की मांग की है। फूलपुर विधायक दीपक पटेल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर प्रदेश के ग्राम रोजगार सेवकों की वर्षों से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान कराने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) एसोसिएशन के उठाए गए मुद्दों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। उन्होंने रोजगार सेवकों को 24 हजार रुपये मानदेय देने की मांग रखी है। चार अक्तूबर 2021 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो मैदान में ग्राम रोजगार सेवकों के हित में की गई घोषणाएं अब तक पूरी तरह लागू नहीं हो सकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इन घोषणाओं के साथ संगठन की अन्य प्रमुख मांगों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।












