लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत प्रदेश में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क तेजी से विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों और प्राधिकरणों को अपने पास उपलब्ध भूमि और सार्वजनिक स्थलों की सूची प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए भूमि उपलब्धता की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव के निर्देश
मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना स्वच्छ, हरित और सतत परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि अपने कार्यालय परिसर, सरकारी भूमि, पार्किंग स्थल, औद्योगिक क्षेत्र, लॉजिस्टिक पार्क, विकास प्राधिकरणों की भूमि तथा राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे उपयुक्त जगहों की पहचान कर यूपी रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (यूपीआरईवी) को उपलब्ध कराएं। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर संभावित स्थल का पूरा पता, फोटोग्राफ, अक्षांश-देशांतर और भूमि का क्षेत्रफल स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाए।
भूमि की जरूरत
बैठक में बताया गया कि शहरी क्षेत्रों में ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए 400 से 600 वर्ग फुट भूमि पर्याप्त होगी, जबकि राज्य राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर लगभग 3,000 वर्ग फुट भूमि की जरूरत पड़ेगी।
समन्वय पर जोर
मुख्य सचिव ने राज्य और जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए ताकि विभागों के बीच बेहतर समन्वय बने और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। सरकार का मानना है कि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण कम होगा और प्रदेश में हरित परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। यह पहल उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रिक वाहन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












