प्रयागराज : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अक्सर जाम की हालत देखी जाती है. यह शहर अपनी शिक्षा और संगम के लिए फेमस है. संगम जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियां मिलती हैं, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है. यह स्थान केवल नदियों का मिलन स्थल ही नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग भी है. माना जाता है कि संगम में स्नान करने से जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं और आत्मा को शांति प्राप्त होती है. इसलिए यहां देश विदेश से लोग आते हैं. ऐसे में यहां जाम का झाम बना रहता है. मगर, अब सरकार ने कमर कस ली है. यहां के लोगों को सिटी बसों, ऑटो और टेंपो में धक्के नहीं खाने पड़ेंगे. दरअसल, शहरवासियों को जल्द ही मेट्रो की सौगात मिलने जा रही है.
प्रयागराज विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषिराज ने बताया कि मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने 14 अगस्त तक राइट्स संस्था को डीपीआर तैयार करने की मोहलत दी है. इसलिए राइट्स संस्था द्वारा मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार करने का काम तेज कर दिया है. उन्होंने यह भी बताया कि मेट्रो कितनी लागत में बनेगी और क्या कुछ खास होगा.
प्रयागराज में जल्द मेट्रो दौड़ने लगेगी. इसको लेकर तैयारी शुरू हो गई है. संगम नगरी प्रयागराज में अगस्त से ट्रैक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. विकास प्राधिकरण के अधिकारी ने कहा कि करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से यहां मेट्रो का निर्माण किया जाएगा. ये दो रूटों पर रफ्तार भरेगी. पहला फाफामऊ से नैनी और दूसरा एयरपोर्ट से झूंसी. उन्होंने कहा कि दोनों रूट करीब 21-21 किलोमीटर के हैं यानी पहले चरण में कुल 42 किलोमीटर मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है.
उन्होंने आगे कहा कि मेट्रो का इंटर चेंज जंक्शन संगम के परेड में प्रस्तावित किया गया है. साफ है कि मेट्रो के रफ्तार भरते ही सड़कों पर जाम का झाम खत्म हो जाएगा.
ये है खास
- पहले फेज में बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक 26 मेट्रो स्टेशन होंगे.
- शांतिपुरम से छिवकी तक 19 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे.
- कुल 45 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे.
- एक मेट्रो स्टेशन पर 2 मिनट का स्टॉपेज होगा.
- प्रयागराज मेट्रो का रूट 60 किमी होगा.
- 14 अगस्त से ट्रैक बनाने प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.
- 12 हजार करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च होंगे.












