नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं घर खरीदने के लिए होम लोन पर कई बैंक और वित्तीय संस्थान महिलाओं को विशेष सुविधाएं और अतिरिक्त लाभ प्रदान करते हैं। यानी महिलाओं के लिए घर खरीदना केवल एक निवेश नहीं, बल्कि कई वित्तीय फायदों का अवसर भी बन सकता है। भारत में महिलाओं को होम लोन पर कई फायदे मिलते हैं इस आर्टिकल में इन्हीं फायदों को लेकर जानकारी दे रहे हैं-
कम ब्याज दर का लाभ
महिलाओं के लिए होम लोन (Home Loan) का सबसे बड़ा फायदा यह है कि कई बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां उन्हें सामान्य ग्राहकों की तुलना में कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराती हैं। आमतौर पर यह छूट 0.05% से 0.10% तक हो सकती है। पहली नजर में यह अंतर भले ही बहुत छोटा लगे, लेकिन 20 से 30 साल की लंबी अवधि वाले होम लोन में इससे कुल ब्याज भुगतान में बड़ा अंतर आ सकता है।
स्टांप ड्यूटी में छूट
भारत के कई राज्यों में महिलाओं को संपत्ति खरीदने पर स्टांप ड्यूटी में विशेष छूट दी जाती है। स्टांप ड्यूटी वह शुल्क होता है, जो संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के समय सरकार को देना पड़ता है। कई राज्यों में महिलाओं के लिए यह दर पुरुषों की तुलना में 1% से 2% तक कम रखी गई है। इसका सीधा फायदा घर खरीदने की कुल लागत में कमी के रूप में मिलता है।
टैक्स लाभ का फायदा
महिलाएं भी अन्य होम लोन धारकों की तरह आयकर कानूनों के तहत कई प्रकार की कर छूट का लाभ उठा सकती हैं। होम लोन के मूलधन (Principal) के भुगतान पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मिल सकती है, जबकि ब्याज भुगतान पर धारा 24(b) के तहत कर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। अगर महिला घर की सह-मालिक होने के साथ-साथ होम लोन की सह-आवेदक भी है और EMI का भुगतान करती है, तो वह इन कर लाभों का दावा कर सकती है।
सरकारी योजना का भी लाभ
महिलाएं होम लोन को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी सरकारी योजना का भी लाभ उठा सकती हैं। यह योजना महिला होम लोन आवेदकों को ब्याज सब्सिडी के रूप में वित्तीय राहत प्रदान करती है, जिससे घर खरीदने की कुल लागत कम हो जाती है। PMAY की एक खास शर्त यह है कि खरीदी जाने वाली संपत्ति में महिला का मालिक या सह-मालिक होना जरूरी है। इससे महिलाओं के बीच घर के स्वामित्व को बढ़ावा मिलता है और वे संपत्ति निवेश में महत्वपूर्ण भागीदार बनती हैं।
लंबे Repayment Tenor का विकल्प
होम लोन चुकाने के लिए लंबी पुनर्भुगतान अवधि महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण लाभ साबित हो सकती है। अक्सर महिलाएं नौकरी, परिवार और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर चलती हैं। ऐसे में होम लोन की अवधि को अधिक रखने का विकल्प मासिक वित्तीय दबाव को कम करने में मदद करता है। लंबी अवधि चुनने पर लोन की EMI कई वर्षों में विभाजित हो जाती है, जिससे हर महीने चुकाई जाने वाली किस्त कम हो जाती है।










