लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए लगातार कई तरह के कल्याणकारी कदम उठा रही है फिर चाहे वो महिलाएं हों, युवा हों या फिर देश के अन्नदाता किसान. किसानों की शुद्ध आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती को पूरी तरह आधुनिक बनाने के लिए भी यूपी की योगी सरकार की ओर से लगातार अहम कदम उठाए जा रहे हैं.
सरकार ने गन्ना किसानों को कृषि कार्यों में बेहतरीन तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक नई योजना शुरू की है. विभिन्न पारिस्थितिकी संसाधनों द्वारा कीट व रोग नियंत्रण योजना के तहत अब किसानों को आधुनिक स्प्रेयर मशीन खरीदने पर भारी सब्सिडी देने का फैसला किया गया है.
आधुनिक उपकरणों से घटेगी लागत, बढ़ेगा उत्पादन: इस अभिनव पहल का मुख्य उद्देश्य गन्ना किसानों की फसल में आने वाली शुरुआती लागत को कम करना, फसल की व्यावसायिक गुणवत्ता बढ़ाना और आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा देना है. चूंकि गन्ना उत्तर प्रदेश की सबसे प्रमुख नकदी फसलों में शामिल है और राज्य के लाखों किसान सीधे तौर पर इसकी खेती से जुड़े हुए हैं. ऐसे में स्प्रेयर मशीन खरीदने पर मिलने वाली यह सरकारी आर्थिक सहायता किसानों के लिए एक बहुत राहत भरी खबर मानी जा रही है. गन्ने की फसल को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए बुआई से लेकर कटाई तक समय-समय पर कीटनाशकों, खरपतवार नाशक दवाओं और आवश्यक पोषक तत्वों का छिड़काव करना पड़ता है.
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव
पारंपरिक तौर-तरीकों की जगह मशीनों का उपयोग: पुराने पारंपरिक तरीकों से यह छिड़काव का काम करने में किसानों का अधिक समय और शारीरिक श्रम दोनों बर्बाद होता था. वहीं कई बार दवाओं का समान रूप से छिड़काव नहीं हो पाता था, जिससे गन्ने की खड़ी फसल पर भी बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था. आधुनिक स्प्रेयर मशीन की मदद से अब बहुत कम समय में एक बड़े कृषि क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव आसानी से किया जा सकता है. इससे कीटनाशक दवाओं की बर्बादी भी रुकती है और फसल को कीटों से एक बेहतर और मुकम्मल सुरक्षा कवच प्राप्त मिल जाता है.
कृषि विभाग के पोर्टल पर ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन: आजकल बाजार में मिलने वाली ये आधुनिक स्प्रेयर मशीनें गन्ना किसानों की उत्पादकता और क्षमता को बढ़ाने में भी काफी मददगार साबित हो रही हैं. यूपी सरकार की ओर से चलाई जा रही इस योजना के तहत सभी पात्र गन्ना किसानों को स्प्रेयर मशीन खरीदने पर निर्धारित दर से सीधे बैंक खाते में अनुदान दिया जाएगा. इसके लिए इच्छुक किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://agridarshan.up.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन ससमय पूरा करना होगा. वेबसाइट खुलते ही किसान के सामने ‘कृषि यंत्र’ का एक मुख्य ऑप्शन दिखाई देगा, जिस पर क्लिक करने पर उनके सामने विभिन्न यंत्रों की सूची खुल जाएगी जिसमें से वे स्प्रेयर मशीन का चयन कर सकते हैं.
DBT के माध्यम से सीधे खाते में आएगा अनुदान: ऑनलाइन आवेदन पूरी तरह स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी की निर्धारित राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थी किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी. किसान भाई बाजार में उपलब्ध अपनी पसंद की जो भी सबसे अच्छी और गुणवत्तापूर्ण स्प्रेयर मशीन हो, उसे अपनी सुविधानुसार खरीद सकते हैं. इसके बाद उन्हें उस मशीन का पक्का व्यावसायिक बिल कृषि विभाग की वेबसाइट पर वापस अपलोड करना होगा, जिसके सत्यापन के बाद अनुदान की राशि उनके खाते में पहुंच जाएगी. इस पूरी योजना का मुख्य विजन यह है कि राज्य के अधिक से अधिक किसान आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करें, जिससे खेती की कुल लागत घटे और उत्पादन क्षमता में आशातीत सुधार हो.
शामली जिले को मिला पावर स्प्रेयर का बड़ा लक्ष्य: देश भर में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य माना जाता है, यही वजह है कि राज्य सरकार की यह तकनीकी पहल गन्ना किसानों को आर्थिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर मजबूत करने का एक बड़ा प्रयास है. शामली के जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के किसानों के लिए स्प्रेयर मशीन का ब्लॉकवार टारगेट प्रदेश स्तर से प्राप्त हो चुका है.
इसके तहत जनपद शामली को कुल 35 पावर स्प्रे मशीन (जो बैटरी या इंजन चलित हैं) का लक्ष्य मिला है, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक के लिए 7-7 मशीनों का कोटा निर्धारित किया गया है. इस पावर स्प्रेयर मशीन पर सरकार द्वारा अधिकतम हजार रुपये या मशीन की कुल कीमत का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में दिया जाएगा.
लक्ष्य से अधिक आवेदन आने पर लॉटरी से होगा चयन: इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कृषि विभाग के डिजिटल पोर्टल पर अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से कराना होगा. जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जल्द ही इसके लिए ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल खोलने वाला है, इसलिए सभी किसान भाई अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ तैयारी कर लें. पोर्टल खुलने के बाद तत्काल आप उस पर अपनी पसंद के यंत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं. यदि आवेदन करने वाले किसानों की कुल संख्या किसी ब्लॉक के निर्धारित लक्ष्य से अधिक पाई जाएगी, तो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से उनकी लॉटरी कराई जाएगी.
हाथ से चालित मशीनों पर भी मिलेगा अनुदान: अन्यथा की स्थिति में प्राप्त आवेदनों को ऑटो-कंफर्म करके सभी पात्र किसानों को इस योजना का लाभ सीधे दे दिया जाएगा. जैसे ही डिजिटल पोर्टल से कंफर्मेशन का मैसेज मिल जाएगा, किसान अपनी आवश्यकता और सुविधा के अनुसार मशीन खरीदकर उसका पक्का बिल पोर्टल पर अपलोड कर देंगे. बिल अपलोड होने के महज 15 दिनों के अंदर डीबीटी के माध्यम से अनुदान राशि उनके पंजीकृत खाते में भेज दी जाएगी. इसके साथ ही मानव चलित (हस्त चलित) स्प्रेयर का भी लक्ष्य मिला है, जिसमें थानाभवन और झिंझाना ब्लॉक में चार-चार तथा बाकी सभी ब्लॉकों में तीन-तीन का लक्ष्य तय है और इस पर 1500 रुपये की अनुदान राशि मिलेगी.










