नई दिल्ली। पीएम मोदी आज यानी शुक्रवार, 5 जून 2026 को गुजरात के सूरत और केंद्र शासित प्रदेश दमन के एक बेहद ऐतिहासिक और हाई-प्रोफाइल दौरे पर हैं. इस एक ही दिन के दौरे में प्रधानमंत्री देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई और खूंखार रफ्तार देने जा रहे हैं. पीएम मोदी आज कुल मिलाकर 21,770 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इस मेगा प्रोजेक्ट गिफ्ट से न सिर्फ गुजरात बल्कि महाराष्ट्र, दमन और लक्षद्वीप के विकास को भी नए पंख लगने वाले हैं.
सूरत में 18,800 करोड़ का धमाका
प्रधानमंत्री के इस तूफानी दौरे की शुरुआत सूरत से हो रही है, जहाँ अकेले लगभग 18,800 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स की झड़ी लगने वाली है. इस दौरे का सबसे बड़ा हाइलाइट 8-लेन वाले वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के प्रमुख और बेहद महत्वपूर्ण पैकेजों को राष्ट्र को समर्पित करना है. इसके चालू होने से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और गुजरात के बीच का सफर बेहद आसान और रफ्तार से भरा हो जाएगा. इसके साथ ही, देश के जनजातीय (Tribal) क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने और विश्व प्रसिद्ध ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ तक पर्यटकों की पहुंच को और ज्यादा सुगम बनाने के लिए NH-56 के चौड़ीकरण की आधारशिला भी आज रखी जा रही है.
दमन में ‘नमो एयरपोर्ट’
सूरत के बाद प्रधानमंत्री मोदी दमन का रुख करेंगे, जहाँ 2,970 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण होना तय है. पर्यटन को वैश्विक स्तर पर चमकाने के लिए दमन के नमो हवाई अड्डे (Namo Airport) के चमचमाते और आधुनिक नए टर्मिनल का उद्घाटन आज प्रधानमंत्री के हाथों होने जा रहा है. सबसे बड़ा रणनीतिक दांव लक्षद्वीप के लिए खेला गया है. प्रधानमंत्री आज दमन की धरती से ही लक्षद्वीप के लिए 885 करोड़ रुपये की बंदरगाह (Port) परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिससे भारत के इस खूबसूरत द्वीप समूह पर व्यापार और पर्यटन की पूरी तस्वीर बदल जाएगी.
विकास का परफेक्ट कॉम्बिनेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा साफ तौर पर दिखाता है कि सरकार देश के सुदूर और तटीय इलाकों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने के लिए कितनी गंभीर है. कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और टूरिज्म को केंद्र में रखकर तैयार किए गए ये प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में पश्चिमी भारत के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलकर रख देंगे. आज होने वाले इन उद्घाटनों और शिलान्यासों पर पूरे देश के उद्योग जगत और आम जनता की पैनी नजरें टिकी हुई हैं.










