लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. शासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में चल रहे जनगणना 2026-27 कार्य को देखते हुए बड़े पैमाने पर तबादले नहीं किए जाएंगे. केवल विशेष परिस्थितियों में ही स्थानांतरण की अनुमति दी जाएगी.
शासनादेश के अनुसार, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 11 मार्च 2026 को जारी निर्देशों में जनगणना कार्य में लगे कार्मिकों के स्थानांतरण पर 31 मार्च 2027 तक रोक लगाने की अपेक्षा की गई थी. चूंकि बेसिक शिक्षा परिषद के बड़ी संख्या में शिक्षक प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जनगणना कार्य में नियोजित हैं, ऐसे में व्यापक स्तर पर अंतर्जनपदीय तबादले किए जाने से जनगणना कार्य प्रभावित होने की आशंका जताई गई है.
हालांकि, शिक्षकों की ओर से लंबे समय से अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग की जा रही थी. इसे देखते हुए शासन ने मानवीय दृष्टिकोण एवं विशेष परिस्थितियों के आधार पर सीमित दायरे में स्थानांतरण की अनुमति देने का निर्णय लिया है.
जारी निर्देशों के अनुसार विशेष परिस्थितियों में शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण किए जा सकेंगे. जैसे यदि शिक्षक/शिक्षिका स्वयं, उनके जीवनसाथी अथवा अविवाहित पुत्र या पुत्री दिव्यांग हों. यदि शिक्षक/शिक्षिका अथवा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हों. यदि शिक्षक/शिक्षिका अथवा उनके अविवाहित पुत्र-पुत्री डायलिसिस पर हों.
यदि पति-पत्नी दोनों बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षक हों और उनमें से किसी एक द्वारा आवेदन किया जाता है, तो शिक्षक-छात्र अनुपात कम वाले जनपद में दोनों में से किसी एक का स्थानांतरण किया जा सकेगा. इसके अतिरिक्त किसी अन्य विषम या विशेष परिस्थिति में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से स्थानांतरण किया जा सकेगा.
शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उक्त निर्णय के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. इस आदेश के बाद सामान्य श्रेणी के अंतर्जनपदीय तबादलों की उम्मीद लगाए बैठे हजारों शिक्षकों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों को राहत मिलने का रास्ता खुला है.










