नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश एक बार फिर बड़े राजनीतिक और विकासात्मक अभियान का गवाह बनने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में 5 जून से 21 जून तक एक विशाल जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा. यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से जुड़ने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को घर-घर तक पहुंचाने का भावनात्मक प्रयास माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की उपलब्धियां सिर्फ फाइलों में नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई दें.
गांव-गांव पहुंचेगा विकास का संदेश
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 किलोमीटर लंबी ‘प्रगति पथ यात्रा’ निकाली जाएगी. जनप्रतिनिधि केवल भाषण नहीं देंगे, बल्कि गांवों में रात्रि विश्राम करेंगे, चौपाल लगाएंगे और लोगों की समस्याएं सीधे सुनेंगे. यह दृश्य राजनीतिक संवाद से आगे बढ़कर एक भावनात्मक जुड़ाव का रूप लेगा.
‘एक पेड़ मां के नाम’से होगी शुरुआत
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण किया जाएगा. इसमें आम जनता, छात्र, किसान, स्वयं सहायता समूह और जनप्रतिनिधि मिलकर हिस्सा लेंगे. यह सिर्फ पर्यावरण नहीं, बल्कि भावनाओं से जुड़ा अभियान होगा.
पैदल मार्च से मीडिया संवाद तक
8 से 14 जून के बीच जनसंपर्क, पैदल मार्च और संवाद कार्यक्रम चलेंगे. 11–12 जून को मीडिया संवाद होंगे, जबकि 13–14 जून को सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे.
जनकल्याण मेले और संकल्प सम्मेलन
14 से 16 जून के बीच ब्लॉक और नगर निकायों में जनकल्याण मेले लगेंगे, जहां योजनाओं की जानकारी के साथ लाभार्थियों को सीधे जोड़ा जाएगा. इसके बाद 16–17 जून को जिला स्तर पर “विकसित भारत संकल्प सम्मेलन” आयोजित होगा.
21 जून को योग से समापन
अभियान का समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ होगा, जब प्रदेश के 825 ब्लॉकों और 700 से अधिक निकायों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यह पूरा अभियान केवल उपलब्धियों का प्रचार नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच भरोसे की उस डोर को और मजबूत करने की कोशिश है, जो विकास और संवाद के माध्यम से बुनी जा रही है.










